'चिट फेंक कर चुनी गयी थीं वे चीज़ें, जिन पर GST कम हुआ'- ख़ुलासे में चला पता | कटाक्ष
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'चिट फेंक कर चुनी गयी थीं वे चीज़ें, जिन पर GST कम हुआ'- ख़ुलासे में चला पता | कटाक्ष

 

'चिट फेंक कर चुनी गयी थीं वे चीज़ें, जिन पर GST कम हुआ'- ख़ुलासे में चला पता | कटाक्ष

Published on :11 Oct,2017 By :- UNT News Desk



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नई दिल्ली:GST मोदी सरकार के लिए मछली का ऐसा काँटा बनता जा रहा है, जो ना निगला जा रहा है और ना उगला जा रहा है। और वित्त मंत्री जेटली जी ने इसकी कमियों को ढँकने के लिए पिछले बुधवार को जब क़दम उठाए तो वे और भीतर धँस गए। नए GST नियमों पर विश्व प्रसिद्ध न्यूज़ वेबसाइट ‘जनता का एडिटर’ ने ख़ुलासा किया कि भाजपा में सब चारों खाने चित्त हो गए। वेबसाइट ने बताया कि एक दशमलव तीन अरब की जनता का फ़ैसला मोदी सरकार ने चिट निकाल कर किया है।
दरअसल हुआ यूँ कि जनता के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए वित्त मंत्री जेटली ने 27 वस्तुओं से GST कम करने का फ़ैसला लिया। जिसमें से खाखरा, स्टेशनरी और पत्थर सबसे ज़्यादा चर्चा में रहे। भाजपा भी वोटरों का विश्वास पाने की ख़ुशी मना रही थी। मगर यह ख़ुशी ज़्यादा देर तक नहीं चली। इसके बाद कुछ ऐसे ख़ुलासे हुए कि पूरा सोशल मीडिया दंग रह गया।
जनता का एडिटर के संस्थापक रिज़वान जावेद ने अपनी वेबसाइट के ज़रिए भाजपा का नक़ाब उतार दिया। उन्होंने कहा, “जब GST कम करने का फ़ैसला हुआ तो वहाँ सबके फ़ोन में ब्लूटूथ ऑन था, हमने ब्लूटूथ की टेक्नोलॉजी के ज़रिए उनकी बातचीत पता कर ली। भाजपा ख़ुद को कितना भी चालाक समझ ले, लेकिन हमसे ज़्यादा नहीं हो सकती। हमने सुन लिया कि किस वस्तु पर GST कम होगा, इसका फ़ैसला भाजपा ने चिट निकाल कर किया है।”
इस ख़ुलासे के बाद ही विपक्ष ने भाजपा और मोदी को आड़े हाथ लिया। काँग्रेस के मणिशंकर अय्यर ने कहा कि “यह शर्म की बात है कि भाजपा इतने लोगों की क़िस्मत का फ़ैसला एक चिट से करती है।” इस पर लोगों ने उन्हें ट्रोल करते हुए कहा कि “चिट से फ़ैसला करना माँ बेटों से पूछ कर फ़ैसला करने से फिर भी बेहतर है!”
भाजपा ने इस आरोप को बेबुनियाद बताया है और साथ ही जनता का एडिटर के संस्थापक रिज़वान जावेद पर ढाई सौ रुपए का मानहानि का केस भी ठोका है। आगे क्या होता है, यह तो समय बताएगा मगर झूठी ख़बरें चलाना और फिर अकेले में माफ़ी माँगना एक चलन सा बन गया है।



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